#हिंदु-धर्मसंस्कार : भाग १ - दि. २५.०५.२०२३

हिंदु धर्मसंस्कार 
भाग १ : दि. २५.०५.२०२३

🚩जय श्रीराम 🚩

दूसरों पर उंगली उठाने से अथवा आरोप करने पर आप अपने अपराध से बरी नहीं होते हैं !

आजकल हिंदु युवाओं का कहना हैं कि उन्हे अपने धर्म की शिक्षा, धर्म के प्रति आस्था और अपने देवताओं संबधी जानकारी उनके माता पिता द्वारा दी ही नहीं गई हैं । इसलिए अपने धर्म और धर्मकर्तव्यों के प्रति उनकी उदासीनता और अनास्था के वास्तविक दोषी तो उनके माता - पिता है 😡 !

यह कथन सत्य है । बहुत से अभिभावकों ने यह भूल (अपराध! ) की है ।

हम सभी मानते है कि इस पिढी के बहुतो ने यह बहुत बडा अपराध किया है | 
मैं इस पिढी से ही हूँ , लेकिन धर्म - धर्मविचार और धर्मानुसार आचरण हमारे परिवार में सदैव महत्वपूर्ण ही रहा हैं, बल्कि यही हमारे जीवन का आधार बना हुआ हैं, इसलिए हम इस अपराध के भागीदार नहीं हैं।
किंतु औरो की उदासीनता देखकर असहाय्यता से मन तो छटपटा था ।

वैसे, मन में यह विचार आ ही गया 👇🏼

वह सभी बच्चे, जो अपने मातापिता को दोषी मानते है वह आत्मपरिक्षण भी करें!👇🏼

आपके मातापिताने आपको
Computer चलाना नहीं सिखाया था ..

Mobile phones /electronic gazettes चलाना नहीं सिखाया था ..

Online gaming संबधी ज्ञान नहीं दिया था ..

Digital transactions भी नहीं सिखाए थे ..

👆🏼 यह सब (बहुत कठिन😱) काम जो व्यक्ति और पिढी अपने प्रयत्नों से सीख सकती है और उसे कुशलता से करती है उनके लिए धर्म संबधी ज्ञान प्राप्त करना आसान ही है । बस, इच्छा चाहिए 😇

जब हमने किसी और की गलती को जान लिया है तो उसे सुधार कर यश पाना हमारी भी तो जिम्मेदारी है💪🏼

तो चलिए, हम इसे सुधारने का प्रण करते हैं ताकि हमारी अगली पिढियों के बच्चे हमपर उंगली ना उठाए 🤗 ।

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👆🏼यह प्रास्ताविक था (Prologue!)

युवा पिढी की भाषा में ही कहती हूँ , कल से प्रतिदिन 'Date with Gauri' पक्की !


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