#हिंदु-धर्मसंस्कार : भाग ८ - दि. ०१.०६.२०२३

हिंदु धर्मसंस्कार
भाग ८ : दि. ०१.०६.२०२३

🚩जय श्रीराम🚩

शंकर, शिव, महेश, महादेव, पशुपतिनाथ, आशुतोष, महाकाल, सदाशिव, नागेश्वर, नीलकंठ, रुद्र, महेश्वर, अंबरीश, गंगाधर, कालभैरव, चंद्रशेखर, त्रिलोचन आदि और भी अधिक जिनके नाम है वही देवों के देव महादेव 🙏🏼

वैसे इतने सारे नामों की आवश्यकता क्या हैं ? 
एक नाम से काम नही हो सकता है क्या ?
उत्तर सरल और स्पष्ट है ।
जहाँ प्रेम है वहीं अनेक नामों से पुकारने का अपनत्व का भाव भी होता है !
जैसे माँ अपने बच्चे को लाडप्यार के कारण अनेक नामों से पुकारती हैं, उसी प्रकार हम प्रत्येक देवता के एकएक गुणविशेष और सामर्थ्य के अनुसार उनके भिन्न - भिन्न नाम रखते है क्योंकि देवता का वहीं रुप हमें लुभाता / आकर्षित करता / भक्तिमय बनाता हैं !

प्रत्येक व्यक्ति दूसरे से भिन्न वृत्ती का होता है।
किसी का मन कोमल ..
किसी के स्वभाव मे दृढता ..
कोई अति क्रोध करनेवाला ..
कोई मन का अत्यंत भोला ..
किसी में अपार सामर्थ्य ..
कोई अत्यंत क्षमाशील ..

और प्रत्येक व्यक्ती के स्वभावगुण के अनुकुल जिस देवता का रुप - विशेषताएँ हो, उनकी भक्ती वह विशेष श्रद्धा से कर सकता हैं।

महादेव शिव ऐसे देवता और ऐसी शक्ति है, जिनमे👆🏼 यह सारी और अन्य भी अनेक विशेषताएँ है |

भगवान श्री महादेव का बाह्य रुप और उनकी शक्तियों पर चर्चा हम कल से करेंगे ।

गर्व से कहे 👇🏼

हिंदु धर्म की जय 🚩
भारतमाता की जय 🇮🇳

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