#हिंदु-धर्मसंस्कार : भाग ७ - दि. ३१.०५.२०२३
हिंदु धर्मसंस्कार
भाग ७ : दि. ३१.०५ .२०२३
🚩जय श्रीराम🚩
श्री गणेशजी का रुप हम श्रद्धालु हिंदुओं के लिए अत्यंत मनमोहक रहा है ।
यह हमारे लिए सदैव ही आकर्षण, आस्था और भक्ति का विषय रहा है ।
अब तक हमने उनके मुख, शरीर और शस्त्रों की चर्चा की हैं।
आगे और भी रोचक तथ्य है ।
श्री गणेशजी का आशीर्वाद देने के लिए उठा हुआ हाथ भक्तों को आश्वस्त करता हैं की प्रभु हमारे साथ है, हमारी रक्षा कर रहे है ।
हाथ में मोदक / लड्डू है जो स्मरण कराते हैं कि इस जग की भौतिक सुविधाएँ आकर्षित करती है और हमें उपभोग के लिए प्रवृत्त करती रहती हैं, परंतु हमे उन्हे शांत और स्थिर वृत्ती से स्वीकार करना है (लालच में उनका त्वरित उपभोग नहीं करना हैं )।
गणेशजी का वाहन मूषक है, अर्थात चूहा ! यह अत्यंत चंचल और विध्वंसक वृत्ती का प्राणी है इसलिए यह हमारी इच्छाओं का प्रतिक है । भगवान इसकी सवारी करते है यानि संदेश दे रहे है की इच्छाओं को स्वैर भटकने नहीं देना है, उनपर सवार होकर उन्हे नियंत्रण में रखना हैं ।
गणेशजी सदा से हमारी प्रेम - भक्ती और आस्था का विषय रहें है । इन्हे देखकर मन में लाड और श्रद्धा की सम्मिलित भावनाएँ उमडती है।
हमारा अतिप्रिय श्री गणेशाख्यान यही संपन्न हुआ।
आगे हम सर्वशक्तिमान श्री शिवजी के उर्जासंपन्न आख्यान का आरंभ करेंगे ।
गर्व से कहे 👇🏼
हिंदु धर्म की जय 🚩
भारतमाता की जय 🇮🇳
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