#हिंदु-धर्मसंस्कार : भाग २४ - दि. १७.०६.२०२३
हिंदु धर्मसंस्कार
भाग २४ : दि. १७.०६.२०२३
🚩🚩 जय श्रीराम 🚩🚩
कल के आख्यान में शिवजी द्वारा कामदेव को अग्निसात करने की घटना का उल्लेख था।
आगे का घटनाक्रम भी अद्भुत हैं।
अपने प्रियतम - सहचर - पति का इस प्रकार अंत देखकर रति विचलित और दुखी होकर शिवजी के पास ही जा पहुँची। उसने कामदेव को पुनर्जिवित करने का अनुरोध किया ।
शिवजी ने कहा की चूंकि वह कामदेव को भस्म कर चुके है , अतः पुनः उन्हे दृश्य रुप में रति को नहीं लौटाएंगे। किंतु उन्होने रति को वर दिया कि कामदेव अशरीर रुप में भी (without body or visual existence) प्रकृति के इस रस का सुयोग्य वर्धन और उपयोग करने में रति के साथ कार्य करेंगे।
इसी कारण कामदेव (मदन) को अनंग (without body) कहा जाता है।
👆🏼 यह तो हुई कहानी, अब इसमें निहित तत्व और तथ्य को भी समझ ले!
वास्तव में प्रकृति के प्रत्येक जीव के लिए प्रजोत्पादन आवश्यक हैं क्योंकि प्रत्येक जीव का Chain of life में विशिष्ट स्थान हैं।
और इसके लिए कामभावना का अस्तित्व आवश्यक है।
गडबड / confusion हैं ❓
संन्यासी को महत्व देते हैं और रतिमदन के प्रभाव को भी उचित मानते हैं ....
स्त्री को भोग्या नहीं, देवता मानने पर गर्व करते है और कामदेव की प्रेरणा को भी अत्यावश्यक कहते हैं .....
Contradictory & confusing stand ❓
ऐसा नहीं है❗
वास्तव में हिंदु संस्कृती में सभी जीवों की प्राकृतिक प्रेरणाओं (instincts) पर बारीकी से विचार किया गया है। यह मान्य किया गया है कि प्रकृति द्वारा प्रदत्त भावभावनाएँ (साहित्य में वर्णित नौ रस जैसे श्रृंगार, करूण, हास्य, रौद्र , वीर, भयानक, बिभत्स, अद्भुत, शांत ) महत्वपूर्ण हैं क्योंकि विभिन्न परिस्थितियों में इनका उद्भव और प्रकटीकरण (feeling & display) आवश्यक हैं।
किंतु हिंदु धर्म में इन नौ रसों को विकार के रुप में देख गया है।
और चूंकि यह विकार है इसलिए उन्हे काबू में रखना ही है ❗हिंदु धर्म विकारों का त्याग करना नहीं सिखाता है, अपितु विकारों को काबु में कर उनका उपयोग करने की सीख देता है , वैसे ही जैसे हम खुंखार जंगली जानवरों को (wild animals / animals with predetory qualities) पालतु बनाकर करते हैं❗
इसलिए विकारों को (👆🏼 इस कथा में कामभावना को ) हमपर हावी होने से रोका गया है क्योंकि 'हम निश्चित करेंगे की हमारे लिए कब - कौनसी भावना - किस रुप में आवश्यक हैं❗
हिंदु धर्म हमे भावनाओं का गुलाम बनने की सीख नहीं देता हैं ❗
गर्व से कहे 👇🏼
हिंदु धर्म की जय 🚩
भारतमाता की जय 🇮🇳
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