#हिंदु-धर्मसंस्कार : भाग ५१- दि. १४.०७.२०२३
हिंदु धर्मसंस्कार
भाग ५१ : दि. १४.०७.२०२३
🚩🚩 जय श्रीराम 🚩🚩
रामायण यह बहुत ही दूषित दृष्टी से देखा गया इतिहास हैं।
रामायण में कितने ओजस्वी प्रसंग हैं.....
परंतु उन्हे अनदेखा कर रामायण के संबंध में भ्रांतियाँ प्रचारित करने का क्रम जारी है....
इस Blog के भाग ५० मे हमने विचार किया था की नाटक को पूर्णरूप देने के लिए अनेक प्रवेश लिखे जाते हैं।
रामायण के ऐसे ही प्रवेशों पर हम यथासमय विचार करेंगे।
हम रामायण के ऐसे प्रसंग / घटनाएँ / प्रवेश देखेंगे जो बाद में विशाल Jigsaw puzzle के समान एकदूसरे से जुड़ते हैं ।
अथवा जमीनपर यात्रा करते समय हमे केवल आँखो के सामने व दायी - बांयी ओर कुछ मीटर का मार्ग दिखाई देता हैं, परंतु विमान से यात्रा करनेपर आकाश से हम देख सकते हैं कि यह सब मार्ग किस प्रकार एकदूसरे से जुडे हैं !
रामायण इतिहास का एक विशाल पट हैं जिसे ऐसे ही अनेक टुकडों को जोड़कर समझना होगा।
नकारात्मक सोच / असत्य कथन के कारण अनेक शतकों से अपने मन पर एकत्रित हुई कुविचारों की/ हिंदुद्वेष की परतों (layers) को दूर कर हमें अपनी बुद्धी से, अपनी धार्मिक भावना के प्रकाश में हमारे इतिहास की व्यक्तीरेखाओं को - जिनमें ईश्वर अवतार भी हैं- समझना होगा !
कहना ना होगा की 'धार्मिक भावना का प्रकाश' इस मुद्दे को उपहासपूर्वक अथवा कुत्सित भावना से देखने की आवश्यकता नहीं हैं और ना ही हम हिंदुओं को अपनी धार्मिक भावना को जागृत रखने के लिए अहिंदुओं के अनुमोदन / अनुमति को आवश्यकता हैं ❗
प्रत्येक धर्म में धार्मिकता के लिए आग्रह किया जाता हैं, ऐसे में हिंदुओं की धार्मिकता पर प्रश्न उठाने का कारण अथवा अधिकार किसी को नहीं हैं❗❗
धर्म को मानना प्रत्येक हिंदु का अधिकार हैं व इस अधिकार की निंदा करनेवालों की ओर पीठ फेरकर गर्व से हिंदु ध्वजा का जयजयकार करना प्रत्येक हिंदु का धर्म हैं ❗❗❗
रामायण इस पहल के लिए आदर्श हैं !
इस आख्यान का आरंभ हम अगले भाग से करेंगे, माता कैकयी से.....
वहीं कैकयी जिन्हे रामायण की खलनायिका कहा जाता रहा हैं ....
गर्व से कहे 👇🏼
हिंदु धर्म की जय 🚩
भारतमाता की जय 🇮🇳
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