#हिंदु-धर्मसंस्कार : भाग ८१ - दि. १३.०८.२०२३
हिंदु धर्मसंस्कार
भाग ८१ : दि. १३.०८.२०२३
🚩🚩 जय श्रीराम 🚩🚩
प्रातःकाल तक प्रकृति का उग्र रुप शांत होने लगा था।
बच्चे के रुदन की ध्वनि से अभी अभी काम पर आए सेवक चकित थे।
दबे सुर में यह सूचना पहले सैनिकों तक और तत्काल कंस तक भी पहुँच गई।
कंस दनदनाता हुआ आ पहुँचा।
हावभाव तो उसके क्रूर ही होते थे, आँखे क्रोध से लाल हो रही थी अथवा रात के मदिरापान से यह जानना कठिन था।
नवजात बच्चे को मारने का अभ्यस्त हुआ था वह, इसलिए पुनः एक बार वही दुष्कर्म करने के लिए वह आतुर था।
उसने तो यही सोचा होगा की देवकी के बच्चों की हत्या करनेपर उसे मृत्युभय ही नहीं रहेगा !
वास्तव में, मृत्यु यही जीवन का सबसे शाश्वत तथ्य हैं। जन्म लेनेवाले व्यक्ति के भविष्य में सुख, दुख, आनंद, संकट, यश, आरोग्य इसके संबध में तत्काल कोई नहीं बता सकता, परंतु उसकी मृत्यु की निश्चितता के संबध में कोई संशय नहीं होता हैं!
कंस ने अपने क्रोध और मृत्युभय के कारण विवेक अवश्य खोया था परंतु मन में वह भी अपनी मृत्यु की अपरिहार्यता जानता तो होगा ही।
परंतु उसे असमय मृत्यु नहीं चाहिए थी।
अत्यंत वृद्ध अवस्था में, भौतिक जीवन के भोगों का संपूर्ण आनंद लेने के पश्चात विवश होकर वह मृत्यु स्वीकार कर भी सकता था, परंतु युवावस्था में उसके पापों के कारण उसका वध किया जाए यह उसे कदापि मान्य नहीं था। इसलिए देवकी की आठवी संतान की हत्या कर वह निश्चिंत होना चाहता था।
....परंतु देवकी के कक्ष में नवजात कन्या को देखकर वह चकित हुआ !
यह वध करेगी उसका ?
स्त्री के हाथों महाबलशाली कंस की मृत्यु ?
इसका अर्थ हैं कि भविष्यवाणी निरर्थक थी !
या कि वह सिर्फ आभास ही हो !
उस छोटीसी कन्या को देखकर कंस के मुख पर एक विद्रुप हास्य प्रकट हुआ। किंतु दूसरे ही क्षण उसने झटके से उसे देवकी के हाथों से छीन लिया।
जब सात बार उसने संकट को मात दे दी थी तब आठवी बार भी वहीं किया जाए यह सोचकर वह निवास के प्रांगण में आया और उसने कन्या को भूमि पटकने के लिए उपर उठाया।
कक्ष में उपस्थित सबने आँखे बंद कर ली होगी.... इतना भयकारी दृश्य कैसे देखा जा सकता हैं !
.... इसके पश्चात की घटनाएँ प्रभु पर विश्वास करनेवालों के लिए उनकी लीला हैं और नास्तिक और अश्रद्ध व्यक्तियों के लिए कपोलकल्पित कहानी !
श्रध्दावान जैसे ईश्वर का गुणगान करते हैं, वैसेही हम करते रहेंगे 🙏🏼
गर्व से कहे👇🏼
हिंदु धर्म की जय🚩
भारतमाता की जय 🇮🇳
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