#हिंदु-धर्मसंस्कार : भाग ७५ - दि. ०७.०८.२०२३
हिंदु धर्मसंस्कार
भाग ७५ : दि. ०७.०८.२०२३
🚩🚩 जय श्रीराम 🚩🚩
कृष्णजन्म की कथा निःसंशय विश्व के इतिहास के सर्वाधिक रोमांचकारी घटनाओं में से एक है।
वास्तव जीवन में इतना नाट्य कदाचित ही कभी होता है।
देवकी की आठवी गर्भधारणा होने के कारण कंस अत्याधिक आतंकित हुआ होगा...
वसुदेव - देवकी के निवासस्थान पर सैनिकों की संख्या बढा दी होगी....
उनके सेवक - सेविकाओं को और देवकी की दाई/ धात्री (midwife) को भी कंस ने धमकाकर रखा होगा....
कंस द्वारा बंधनों के कारण वसुदेव - देवकी का सगेसंबंधीयों से संपर्क वैसे भी न्यूनतम ही होगा, किंतु इस गर्भकाल में सारे बंधन घुटन की चरमसीमा तक बढ गए होंगे....
वसुदेव - देवकी से संबध रखना अर्थात कंस के क्रोध को आमंत्रित करना था। ऐसे में कितने लोगो ने उनके साथ संबध रखे होंगे अथवा प्रत्यक्ष - अप्रत्यक्ष रुप से उन्हे मदद की होगी अथवा सांत्वना दी होगी यह विचार करने का विषय हैं।
ऐसा नहीं हैं कि इतनी कठिन स्थिती झेलनेवालों के प्रति अन्य लोगों को सहानुभूति नहीं होती हैं अथवा उनकी वेदना को वे समझ नहीं सकते हैं, परंतु उनके लिए हाथ आगे बढाने की हिंमत प्रायः नहीं होती हैं। अपने कुटुंब व परिजनों पर सत्ताधीश वज्राघात ना करें इसके लिए उनकी वक्रदृष्टी से दूर रहने का विचार किया जाता हैं और संकट से घिरे व्यक्तियों की परिस्थिती के लिए मन से दुखी होनेपर भी स्वयं का सुरक्षाघेरा तोडने का साहस नहीं होता हैं।
सब युगों में यहीं होता रहा हैं। प्रजा तबतक अत्याचार सहती रहती हैं जबतक कोई शूरवीर धैर्यशाली तारणहार नहीं मिलता हैं !
सामान्य जनता न्याय की अपेक्षा करती हैं, उसे अन्याय से घृणा होती हैं....
उन्हे शांततापूर्ण जीवन की आस होती हैं और आतंक से वितृष्णा होती हैं....
परंतु न्याय और शांति की पुनर्स्थापना के लिए अत्याचारियों को आव्हान देने का साहस जनता में नहीं होता हैं।
इसके लिए वे किसी महानायक की प्रतिक्षा करते हैं !
देवकी-वसुदेव ऐसे कोई ललकारनेवाले, पराक्रमी तारणहार नहीं थे, परंतु उनके विवाह समय की भविष्यवाणी और तदुपरांत उनपर हुए अत्याचारों ने भीरू सामान्य जनोंपर भी परिणाम अवश्य किया होगा। उनकी मूक सहायता और कृष्णजन्माष्टमी की अतिवृष्टीवाली रात की असामान्य परिस्थितियों में मानव इतिहास की एक अद्भुत - अभूतपूर्व - अनिर्वचनीय - अकल्पनीय - अवर्णनीय - रोमांचक ऐसी जो घटना घटी थी उसके आख्यान का रस हम लेते रहेंगे ..
गर्व से कहे 👇🏼
हिंदु धर्म की जय 🚩
भारतमाता की जय 🇮🇳
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