#हिंदु-धर्मसंस्कार : भाग २५ - दि. १८.०६.२०२३

हिंदु धर्मसंस्कार 
भाग २५ : दि. १८ .०६.२०२३

🚩🚩 जय श्रीराम 🚩🚩

शिवआख्यान में चर्चित मुद्दों की उपकथाओं के रुप में हिंदु धर्म की स्त्रियों संबधी मान्यताएँ, पुरातनकाल में स्त्रियों का स्थान और स्थिति, काल के प्रभाव से हुए परिणाम तथा इनके परिणामस्वरूप मलीन हुई पवित्र धारा पर क्रमश: विचार करेंगे।

इस संदर्भ में एक समकालिन घटना उद्धृत करना प्रासंगिक होगा।
पौरोहित्य संबधी शिक्षा के लिए नागपुर में एक धर्म संस्कार वर्ग सन १९८५ में प्रारंभ किया गया।
परंपरानुसार ऐसे कार्य पुरुष करते हैं, इसलिए इस वर्ग में स्त्रियों को प्रवेश देने में अनेकों ने आपत्ति जताई थी। 
परंतु विचारी व्यक्ती संभावित बाधाओं के निवारण लिए पहले ही उपाय कर लेते है। तो गुरुजी ने कांची कामकोटी मठ के पूज्य शंकराचार्यजी से स्त्रियों को इस अभ्यासक्रम का लाभ देने की अनुमति के लिए अनुरोध किया|

पूज्यपाद स्वामीजी ने तत्काल - सहर्ष अनुमति तो दी ही थी, साथ ही गुरुजी को यह भी बताया था कि वर्तमान काल में धर्मकारण में स्त्रियों के अधिकारों की व्याख्या सीमित रह गई है, इस कारण ऐसी ( explicit) अनुमति की आवश्यकता हो रही हैं । किंतु वास्तव में यह आवश्यक नहीं हैं .. हिंदु धर्म में ब्रह्मविद्या - वेदाध्ययन - तत्वज्ञान ऐसे गंभीर तथा महत्वपूर्ण विषयों का ज्ञान देने की भूमिका लिंगभेदरहित (Gender neutral) है !

चलिये, हम ऐसी महान स्त्रियों का तथा उन्हें ज्ञान के पवित्र मार्ग पर विचरण की क्षमता प्रदान करनेवाले धर्म और संस्कृति के इस कोण को जानने का प्रयास करते है।

गार्गी, मैत्रेयी, लोपामुद्रा, अनसूया, घोषा, अपाला, चुडाला, कद्रु, पौलमी, इंद्राणी, सावित्री यह केवल नाम नहीं हैं, वैदिक काल में स्त्रियों के अति सम्मानित स्थान को निर्देशित करनेवाले हिंदु धर्म के गौरवशाली अध्याय हैं ❗

हम हिंदुओं ने जब अपनी इस महान परंपरा का सम्मान करने का स्मरण रखा है तब वेदिक काल के बाद भी हमने स्त्रियों को उचित स्थान दिया हैं ।

👆🏼 जैसे परमपूज्य आदि शंकराचार्य और मंडनमिश्र के  सुप्रसिद्ध वादविवाद के लिए स्वयं पूज्यपाद शंकराचार्यजी ने मंडनमिश्र की पत्नी का न्यायाधिश के रुप में चयन 
किया था ❗
पूजनीय रामकृष्ण परमहंस की पत्नी शारदामाताजी के स्थान को कौन नहीं जानता हैं❗

हिंदु परंपरा का यह उज्वल आख्यान क्रमश: आगे बढेगा | 

गर्व से कहे 👇🏼
हिंदु धर्म की जय 🚩
भारतमाता की जय 🇮🇳

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