#हिंदु-धर्मसंस्कार : भाग १०२ - दि. ०३.०९.२०२३
हिंदु धर्मसंस्कार
भाग १०२: दि. ० ३.०९.२०२३
🚩🚩 जय श्रीराम 🚩🚩
श्रीकृष्ण की पत्नियों को आज का लेख समर्पित हैं, इसलिए की उनके द्वारा किए गए ऐसे कोई महत्वपूर्ण कार्यों का विशेष उल्लेख तो नहीं पाया जाता हैं, किंतु श्रीकृष्ण की पत्नी होना यहीं उनके अनेक जन्मों के पुण्य का परिचायक हैं।
श्रीकृष्ण का आठ पत्नियाँ थी (अष्टभार्या) ।
इनके नाम थे रुक्मिणी , सत्यभामा, जांबवती , कालिंदी, मित्रविंदा, लक्ष्मणा , सत्या और भद्रा।
इनमें सें रुक्मिणी, कालिंदी, मित्रविंदा, लक्ष्मणा और भद्रा इनका विवाह उनकी अपनी इच्छा से श्रीकृष्ण के साथ हुआ हैं।
सत्यभामा और जांबवती के पिता (अनुक्रमे सत्राजित व जांबवान) ने अपनी कन्याओं का विवाह कराया हैं और सत्या का पिता राजा नग्नजित ने श्रीकृष्ण के बल और वीरता के कारण अपनी पुत्री का विवाह श्रीकृष्ण के साथ किया हैं।
हम इन आठों विवाहों के प्रसंग विस्तार पूर्वक देखेंगे जिससे हमें श्रीकृष्ण के विविध गुणों के दर्शन होंगे ।
गर्व से कहे 👇🏼
हिंदु धर्म की जय 🚩
भारतमाता की जय 🇮🇳
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