#हिंदु-धर्मसंस्कार : भाग १४०- दि. ११.१०.२०२३
हिंदु धर्मसंस्कार
भाग १४०: दि. ११.१०.२०२३
🚩🚩 जय श्रीराम 🚩🚩
वैसे तो आत्मा के कोशों संबधी विवेचन ही कठिन हैं, किंतु विज्ञानमय कोश और आनंदमय कोश संबधी चर्चा इस विषय के अधिकारी व्यक्तियों को ही करनी चाहिए। जो हमने अनुभव किया ही नहीं हैं उसका वर्णन कैसे किया जा सकता हैं ?
जिस प्रकार गर्भधारण और शिशुजन्म के पश्चात ही माता उस आनंदानुभव का वर्णन कर पाएगी वैसा ही इस विषय के विवेचन के संबंध में भी सत्य है। अन्यथा जो भी कहा जाता हैं वह केवल 'पढिक ज्ञान' (Bookish knowledge) हैं !
महत्वपूर्ण बात यह हैं कि इतनी उच्च कोटी का ज्ञान केवल गुरुकृपा से ही प्राप्त हो सकता है। इसिलिए हमारी संस्कृति में गुरु को इतना महत्व दिया गया है। क्योंकि गुरु कृपा के बिना इसका ज्ञान और अनुभूती असंभव है !
फिर भी हम इनपर थोडा विचार करेंगे ताकि हमें उच्च श्रेणी का आनंदानुभव प्राप्त करने की प्रेरणा मिल सके।
आत्मा का चौथा आवरण हैं विज्ञानमय कोश। यह कोश ज्ञान से संबंधित हैं जिसे 'वि' यह विशेषण लगाया गया हैं। अर्थात विशेष प्रकार के ज्ञान से यह कोश पुष्ट होता है।
इस कोश के लिए अपेक्षित ज्ञान भौतिक जीवन से संबद्ध नहीं हैं क्योंकि यह कोश हमारे स्थूल शरीर का भाग नहीं है, यह हमारा सूक्ष्म शरीर है। इस ज्ञान को श्रद्धा और अनुभूती से बल प्राप्त होता हैं।
श्रद्धा एक सकारात्मक भावना है। विश्वनिर्माता व विश्वसंचालक परम शक्ती के प्रति विश्वास से उत्पन्न होकर निरंतर दृढ होनेवाली श्रद्धा यहाँ अपेक्षित है।
श्रद्धा के मार्ग पर बढनेवाले और गुरुकृपा प्राप्त मनुष्य को अनुभूती का लाभ होता हैं।
अनुभव और अनुभूती भिन्न है। अनुभव स्थूल शरीर अर्थात जड देह में भी संभव है और यह सकारात्मक / नकारात्मक अथवा सुखदायी / दुखदायी सभी प्रकार के हो सकते हैं।
किंतु अनुभूती सूक्ष्म शरीर के लिए ही संभव है क्योंकि यह आत्मिक स्तर पर होती है। अनुभूती सकारात्मक होती है क्योंकि वह श्रद्धा के बल पर, साधना के मार्ग से और गुरुकृपा के माध्यम से होती है !
इसलिए सनातन हिंदु धर्म में 'गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः , गुरुः साक्षात परब्रह्म ' ऐसी मान्यता है ।
यह विषय अत्यंत विस्तृत है और मुझ जैसी अतिसामान्य क्षमता की साधारण महिला के लिए कठिन भी है। किंतु हमारे सनातन धर्म की महत्ता समझने का यह विनम्र प्रयास ईश्वर चरणों में समर्पित है 🙏🏼
गर्व से कहे 👇🏼
हिंदु धर्म की जय 🚩
भारतमाता की जय 🇮🇳
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