#हिंदु-धर्मसंस्कार : भाग १०५ - दि. ०६.०९.२०२३
हिंदु धर्मसंस्कार
भाग १०५: दि. ०६.०९.२०२३
🚩🚩 जय श्रीराम 🚩🚩
श्रीकृष्ण की पत्नियों में से रुक्मिणी के समान ही कालिंदी, मित्रविंदा और लक्ष्मणा ने स्वयं श्रीकृष्ण को पति के रुप में चुना था।
कालिंदी ने श्रीकृष्ण को पति के रुप में पाने के लिए तप किया था इसलिए श्रीकृष्ण ने उनकी मनोकामना पूर्ण की थी।
मित्रविंदा उज्जयनि की राजकुमारी थी। उसने मन में श्रीकृष्ण का वरण किया था परंतु उसके भ्राता (भाई) विंद व अनुविंद ने अपनी बहन का विवाह दुर्योधन से करने का निर्णय लिया था। मित्रविंदा की इच्छा का सम्मान करते हुए श्रीकृष्ण ने उनके स्वयंवर में गए और मित्रविंदा ने उन्हे वर लिया।
श्रीकृष्ण की पत्नी सत्या कोसल देश के राजा नग्नजित की पुत्री थी। सत्या श्रीकृष्ण से विवाह करना चाहती थी। श्रीकृष्ण ने राजा के सात विशालकाय - बलवान बैलों को एकसाथ नाथ दिया (नियंत्रित किया)। उनके बल और पराक्रम के कारण राजा ने अपनी पुत्री सत्या का विवाह कृष्ण से किया।
इसके पश्चात उन्होने केकय राजकुमारी भद्रा से विवाह किया। यह उनकी बुआ श्रुतकिर्ती की पुत्री थी। अपनी बुआ व उनके पुत्र तथा स्वयं भद्रा की इच्छा के कारण उन्होने यह विवाह किया।
मद्र देश की राजकुमारी लक्ष्मणा भी मन से श्रीकृष्ण को समर्पित थी। परंतु राजपरिवार का विरोध था। अतः श्रीकृष्ण ने उनके स्वयंवर में अकेले ही जाकर उनका हरण किया।
श्रीकृष्ण के विवाहों की गाथा हिंदु संस्कृति के अनेक पहलुओं की ओर इंगित करती है।
साथ ही कृष्ण के व्यक्तित्व का अत्यंत मनोहारी दर्शन कराती है जिसपर हम अगले भाग में चर्चा करेंगे।
गर्व से कहे 👇🏼
हिंदु धर्म की जय 🚩
भारतमाता की जय 🇮🇳
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें