#हिंदु-धर्मसंस्कार : भाग ९४- दि. २६.०८.२०२३
हिंदु धर्मसंस्कार
भाग ९४ : दि. २६.०८.२०२३
🚩🚩 जय श्रीराम 🚩🚩
हम कृष्ण के व्यक्तित्व के आदरणीय और अनुकरणीय पहलुओं विचार करेंगे।
इससे पूर्व उन विशिष्ट परिस्थितियों को भी हमें समझना होगा जिससे हम यह समझ पाएंगे की स्थिति पूर्णतः श्रीकृष्ण के नियंत्रण में थी, जनमत उनके पक्ष में था और वह कुछ भी करते तब भी उनकी जयजयकार ही होनी थी ऐसी स्थिति में भी कृष्ण ने वर्तन के आदर्श ही रखे हैं !
उन्होने यह ध्यान रखा हैं कि आनेवाली पिढियाँ उनका अनुकरण करेंगी, उनके पदचिन्हों पर चलेगी, इसलिए उन्होने तत्व (Principle) को मानकर ही आचरण किया हैं !
स्थिति पूर्णतः अनुकुल होनेपर भी स्वार्थ बाजू में रखना, न्यायपक्ष का साथ देना और समाज के लिए आदर्शों का निर्माण करना उतना सरल नहीं हैं यह हम अपने अनुभव से समझ सकते हैं।
क्योंकि ऐसे अवसर पर स्वयं अधिक से अधिक लाभ उठाना यह साधारण मनुष्य की प्रवृत्ति होती हैं।
हम क्रमशः ऐसे उदाहरण देखेंगे जब कृष्ण ने व्यापक समाजहित के अनुकुल वर्तन किया हैं, स्वयंहित के लिए नहीं ❗
कंस के वध के पश्चात उसकी दोनो पत्नियाँ - अस्ति और प्राप्ति - अपने पिता के घर लौट गई। उनके पिता जरासंध मगध देश के राजा थे । कंस और जरासंध दोनों के संबध बहुत अच्छे थे, वैसेही जैसे स्वार्थी व्यक्तियों के आपस में होते हैं ! और फिर जरासंध ने कंस को अपना जमाई भी बना लिया था।
जरासंध का वध श्रीकृष्ण के मार्गदर्शन में भीम ने किया। उसके पश्चात मगध के राजा बनने का अवसर कृष्ण के पास था।
उन्होने प्रजा को आतंक से मुक्ती प्रदान की थी।
जरासंध १०० राजाओं की यज्ञ में बलि देकर चक्रवर्ती सम्राट बनना चाहता था । इसके लिए उसने तब तक ८६ राजाओं को कैद कर रखा था।
उन्हे कृष्ण ने मुक्त किया।
वे यदि चाहते तो उन सारे राजाओं के राज्य के भी स्वामी बन सकते थे। परंतु उन्होने ऐसा कुछ नहीं किया।
मगध का राज्य जरासंध के ज्येष्ठ पुत्र सहदेव को स्नेहपूर्वक सौंप दिया और प्रजाहित में राजकाज करने का उपदेश दिया।
मुक्त किए राजाओं को भी उन्होने अपना अपना राज्य सौंप दिया।
जो व्यक्ती स्वार्थभावना से पूर्ण दूर हो वही व्यक्ती ऐसा कर सकता हैं, वरना विश्व के इतिहास में दूसरे का राज्य छीनने के, अपने ही नाते संबधों का विचार किए बिना पिता / भाई की हत्या कर उनका राज्य अन्याय से छीनने के कई उदाहरण हैं!
किंतु श्रीकृष्ण एकमेवद्वितीय हैं और इसी कारण पूजनीय है🙏🏼
गर्व से कहे 👇🏼
हिंदु धर्म की जय 🚩
भारतमाता की जय 🇮🇳
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