#हिंदु-धर्मसंस्कार🚩: भाग १८९ - सोमवार दि. १५.०१.२०२४

🚩🚩 जय श्रीराम 🚩🚩 

पिछले दो भागों में हमने भारत में अतिथि के रूप में आए ज्यू (यहुदी)  और झोराष्ट्रियन (पारसी) धर्मियों के साथ सनातनी हिंदुओं ने किए सद्भावनापूर्ण व्यवहार पर विचार किया था। 

हिंदुओं के इस उदार धोरण की पार्श्वभूमि पर अब हम भारत से स्थलांतरित हुए हिंदुओं के साथ विश्व के विभिन्न देशों में हुए व्यवहार पर विचार करेंगे।

जिन्हे विश्वभर में रोमानी, जिप्सी आदि नामों से जाना जाता हैं वह मूलतः भारतीय है। 
वैसे कुछ अभ्यासकों का मत इससे भिन्न हैं किंतु अधिकतर अभ्यासक Genetic studies और रोमानियों की भाषा के विश्लेषण के आधारपर इससे सहमत हैं कि वह मूलतः भारत के निवासी थे।

इनके स्थलांतरण का निश्चित समय ज्ञात नहीं है। किंतु माना जाता है कि साधारणतः १५०० से १००० वर्ष पूर्व राजस्थान के 'डोम' समुदाय के लोगों ने स्थलांतर का प्रारंभ किया। 'रोमानी (Romani)' यह डोम शब्द से बना हुआ शब्द माना जाता है।

यद्यपि इस समुदाय के लोग अब लक्षणीय संख्या में अमरीका व युरोप के अनेक देशों में स्थलांतरित हुए हैं परंतु अपनी रोमानी जीवनशैली का ही अनुसरण कर रहनेवाले इस समुदाय का वास्तव्य पूर्व युरोप में उल्लेखनीय रुप में हैं।

यह समुदाय मुख्यतः अशिक्षित था। कदाचित इसिलिए उनमें अपने इतिहास का लेखन और जतन करने की पद्धति नहीं है।साथ ही यह समाज अपने विषय में अनेक तथ्य गोपनीय रखता है (इनके साथ सदैव हुआ अन्यायपूर्ण व्यवहार भी इसका कारण हो सकता है !) इसलिए इनके संबध में जानकारी तर्क के आधारपर अथवा वैज्ञानिक प्रगति के कारण उपलब्ध हुए साधनों से ही लगाई जा सकती है।

इनके स्थलांतर का कारण निश्चित रुप से ज्ञात नहीं हैं। उनके स्थलांतर के मार्ग संबधी भी स्पष्टता नहीं हैं। 
किंतु इनके स्थलांतर के कारण यह माने जाते हैं -

१) भारतपर मोहम्मद गझनी व महमूद घोरी के आक्रमणों के कारण इस समुदाय की कठीनाइयाँ इतनी बढी की उन्होने स्थलांतर का निर्णय लिया। 

२) धर्मांतरण के आक्रमक प्रयत्नों से बचने के लिए उन्होने इस देश से दूर जाने का निर्णय लिया।

३) वह भारत में तब अछूत मानी जानेवाली जाति से थे। भविष्य में जाति प्रथा के कुप्रभाव से निकलकर उन्नति की आशा में उन्होने भारत से स्थलांतर प्रारंभ किया।

परंतु भारत से निकलकर यह मूल हिंदु जिस भी दिशा में, जिन देशों में गए हैं वहाँ उनके साथ अत्याचार, दमन, भेदभाव और असमान व्यवहार होता रहा हैं। 

हम हिंदु भिन्न क्यों हैं यह समझने के लिए रोमानियों के साथ हुए और अभी भी हो रहे अन्याय को विस्तारपूर्वक समझना आवश्यक है।

इसलिए हम इसपर अगले भाग में विचार करेंगे।

गर्व से कहे👇🏼 
हिंदु धर्म की जय 🚩 
भारतमाता की जय 🇮🇳

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