#हिंदु-धर्मसंस्कार🚩: भाग १८५ - शुक्रवार दि. ०५.०१.२०२४

🚩🚩 जय श्रीराम 🚩🚩 

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उपासना पद्धति का महत्व : भाग : १०
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विविध अनुष्ठान, पूजाविधि इत्यादी के लिए शास्त्रों में पद्धति बताई गई हैं। यह धार्मिक कार्यों से संबधित होती है।

इसके अतिरिक्त व्यक्ति की स्वयंउन्नति के लिए उपासना करने के लिए संत - सत्पुरुष - साधु मार्गदर्शन करते हैं। 

सनातन हिंदु धर्म में उपास्य देवताओं के विविध संप्रदाय हैं जैसे शैव, वैष्णव, गाणपत्य, दत्त संप्रदाय आदि।
वैसे दि. १४.०६.२०२३ के भाग २१ में हमने देखा था अंतिमतः सभी संप्रदाय एक ही परमोच्च शक्ती के उपासक है।

यह उल्लेखनीय है की सभी संप्रदायों में सामुहिक उपासना का महत्व बताया गया है।

इस संबध में एक प्रसंग उद्धृत करना प्रासंगिक होगा।

परमपूजनीय श्री ब्रह्मचैतन्य महाराज गोंदवलेकर इन्हे एक व्यक्ति ने पूछा की रामनाम का जाप तो अपने घर में भी किया जा सकता हैं। ऐसे में गोंदवले संस्थान में आकर सामूहिक जप का आग्रह करने की क्या आवश्यकता है ?

श्रीमहाराज की विशेषता यह थी की प्रश्न करनेवाले व्यक्ति के व्यवसाय, नौकरी अथवा रुचि के अनुसार वह प्रश्न अथवा शंकाओं का समाधान करते थे।

उन्होने कहा, "ठीक हैं, आपके प्रश्न का उत्तर भी देंगे। प्रथम आप अपने विषय में भी बताइये। यह बताइए की आप क्या काम करते है?"

प्रश्नकर्ता ने बताया, "मैं यंत्रों की बैटरी चार्ज करवानेवाले वर्कशॉप में काम करता हूँ।"

महाराज ने पूछा, "किंतु बैटरी चार्ज करने के लिए वर्कशॉप में लाने की आवश्यकता ही क्यूं है ? बिजली के जो प्वाइंट घर में होते हैं वहाँ भी तो बैटरी चार्ज कराई जा सकती है।"

प्रश्नकर्ता ने कहा, "महाराज, ऐसा कैसे हो सकता है? हमारे वर्कशॉप में बिजली का प्रवाह अधिक शक्तिशाली होता है इसलिए बैटरियों का चार्जिंग कम समय में अधिक मात्रा में होता है। वहाँ एकसाथ अनेक बैटरियाँ चार्ज की जा सकती हैं। घर में बिजली का प्रवाह कम मात्रा में होता हैं और चार्जिंग प्वाइंट भी मर्यादित होते हैं, इसलिए वहाँ बैटरियाँ वैसे चार्ज नहीं होंगी जैसे वर्कशॉप में होती हैं।"

महाराज ने कहा, "मैं भी तो यही कह रहा हूँ। अपने घर में जाप करना और गोंदवले में आकर श्रीरामप्रभु के आश्रय में सामूहिक जाप करने मे यहीं अंतर हैं। घर में आपको मात्र अपनी भक्ति का मर्यादित आवरण मिलता हैं, किंतु यहाँ सभी के एकत्रित जाप करने के कारण भक्ति का अत्यंत सबल और विशाल आवरण आपके मन की भक्तिभावना को कम समय में अधिक चार्ज करता हैं। इसलिए वैयक्तिक उपासना करती रहनी चाहिए और साथ ही जब भी अवसर मिले तब सामूहिक जाप और उपासना में अवश्य सहभाग करना चाहिए। क्योंकि समूह की एकत्रित प्रार्थना - पूजा - जाप - उपासना आदि कारण से उस स्थान पर भक्ति का उच्च दाब वाला क्षेत्र निर्माण होता हैं।"

सामूहिक उपासना का महत्व उपर्युक्त प्रसंग से स्वयंस्पष्ट है🙏🏼।
  
गर्व से कहे👇🏼 
हिंदु धर्म की जय 🚩 
भारतमाता की जय 🇮🇳

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